Friends !


जीवन में सच्चे दोस्त होने बहुत जरूरी है। तभी जीवन में आनंद बना रहता है।

लेकिन सच्चे दोस्त बनाने के लिए आपका सच्चा होना भी बहुत जरूरी है।
हम तब तक सच्चे दोस्त नही बना सकते, जब तक कि हम भीतर से निःस्वार्थ न हो, शुद्ध न हो।

जितनी हमारे भीतर से मानवीय कमजोरियां दूर होती जाती है और दिव्य गुण आते जाते है, उतना हम ज्यादा सच्चे दोस्त पाते है।

सच्ची मित्रता वही है, जिसमें हम बिना किसी चाह के एक-दूसरे को प्रेम करें, एक-दूसरे के काम आएं।
अपने फायदों को भुलाकर जब आप दूसरे के काम आते हो, तो ही सच्ची मित्रता पाते हो।

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