सात्विक आहार (आटा)

(Soulful Food – Flour)

किसी भी भोजन का मुख्य अंग या सामग्री , गेहूँ ज्वार बाजरा चना इत्यादि साबुत अनाज का पिसा हुआ आटा होता है ! क्या हम आधुनिकता के चक्कर में इस की गुणवत्ता को अनदेखा कर रहें हैं ??

बाज़ार में मिलने वाला आटा शहरों में अत्याधिक मात्रा में हमारे घरों में आने लगा है…

पैकिंग वाले आटा में कीड़े क्यों नही पड़ते ??

एक प्रयोग करके देखें गेहूं का आटा पिसवा कर उसे 2 महीने स्टोर करने का प्रयास करें।
आटे में कीड़े पड़ जाना स्वाभाविक हैं, आप आटा स्टोर नहीं कर पाएंगे।

फिर ये बड़े बड़े ब्रांड आटा कैसे स्टोर कर पा रहे हैं ? यह सोचने… वाली बात है ।

एक केमिकल है- बेंजोयलपर ऑक्साइड, जिसे ‘ फ्लौर इम्प्रूवर ‘ भी कहा जाता है।* इसकी पेरमिसीबल लिमिट 4 मिलीग्राम है,लेकिन आटा बनाने वाली फर्में 400 मिलीग्राम तक ठोक देती हैं।कारण क्या है? आटा खराब होने से लम्बे समय तक बचा रहे।*बेशक़ उपभोक्ता की किडनी का बैंड बज जाए।

… कोशिश कीजिये खुद सीधे गेहूं खरीदकर अपना आटा पिसवाकर खाएं।

नियमानुसार आटे का भंडारण का समय..
– ठंडके दिनों में 30 दिन
– गरमी के दिनों में 20 दिन
– बारीश के दिनों में 15 दिन का बताया गया है।

ताजा आटा खाइये, स्वस्थ रहिये…समझदार बनें, अपने लिए पुरुषार्थी बन सभी गेंहू पिसवा कर काम ले।
न कि रेडीमेड थैली का……..

केवल 3 महत्त्वपूर्ण बदलाव कर के देखे
1.) नमक सेंधा प्रयोग करे,
2.) आटा चक्की से पिसवा कर लाये,
3.) पानी मटके का पिये,
4) सुबह गर्म पानी पिये…

अंजाने में होने वाली बीमारियों से छुटकारा पाएं……..!!

(“Soulful Food” – series to continue… )

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