हँसना जरूरी है ( विभिन्न संस्करण एवं अंदाज़ )

( साभार : पूर्णिमा जी on Twitter )

एक नवयुवती छज्जे पर बैठी है… केश खुले हुए हैं और चेहरे को देखकर लगता है की वह उदास है।

उसकी मुख मुद्रा देखकर लग रहा है कि जैसे वह छत से कूदकर आत्महत्या करने वाली है .!!!

अलग अलग कवियों से अगर इस पर अपने अंदाज़ में लिखने को कहा जाता तो वो कैसे लिखते ..!



2 thoughts on “हँसना जरूरी है ( विभिन्न संस्करण एवं अंदाज़ )

  1. santable's avatar

    अतिसुन्दर। आनन्द दायक

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    1. BMJainSurana-GoodSoulIn's avatar

      धन्यवाद 🙏
      आपके लाइक्स वाक़ई प्रेरणादायक है

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